महुआ ब्लॉक की पैगंबरपुर और बड़ोखर बुजुर्ग गौशाला में में अव्यवस्थाओं एवं प्रधानों की उपेक्षा के चलते गौवंशों की दयनीय स्थिति उजागर
- डिमांड के अनुसार आधे से कम गौवंश है, दोनों गौशाला में जिनको एक-एक खाने के दाने के लिए प्रधान की राज में मजबूर
बांदा।महुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत पैगंबरपुर और बड़ोखर गौशाला में भारी अव्यवस्था और लापरवाही की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था, जिसके कारण गौवंश को बंद स्थान में उचित चारा, पानी और देखभाल तक उपलब्ध नहीं है।
गौशाला के आसपास मौजूद गौवंश पराली के तिनके–तिनके बीनकर जीवित रहने को मजबूर हैं, जो प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट प्रमाण है।
यही नहीं, गौशाला के पीछे की ओर कई गौवंशों के कंकाल पड़े मिले, जिससे यह गंभीर संकेत मिलता है कि मृत गौवंशों को खुले में फेंक दिया जाता है और उनकी ठीक से देखरेख या दफ़न/निस्तारण तक नहीं किया जाता।
इसके अतिरिक्त, गौशाला से थोड़ी दूरी पर एक गौवंश सड़क किनारे मृत पड़ा मिला, जिसे कुत्ते नोचकर खा रहे थे। यह दृश्य अत्यंत दर्दनाक और पशु क्रूरता की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
इन परिस्थितियों से स्पष्ट होता है कि गौशाला के संचालन में अनियमितता, लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों एवं गौसेवकों ने मांग की है बांदा से सनम की रिपोर्ट







